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| 1 | ## [पढ़ी-लिखी महिला को भरण-पोषण पाने के लिए बैठे नहीं रहना चाहिए: दिल्ली HC](https://www.aajtak.in/legal-news/story/delhi-high-court-observed-law-doesnt-promote-idling-qualified-women-claim-interim-maintenance-ntcppl-dskc-2195159-2025-03-20) | |
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| 3 | ##### 20 मार्च 2025 | |
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| 5 | दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि एक अच्छी तरह से पढ़ी-लिखी पत्नी, जिसके पास उपयुक्त नौकरी का अनुभव है, को केवल अपने पति से भरण-पोषण पाने के लिए बैठे नहीं रहना चाहिए. इसलिए, इस मामले में अंतरिम भरण-पोषण को हतोत्साहित किया जा रहा है, क्योंकि कोर्ट को याचिकाकर्ता में कमाई करने और अपनी शिक्षा का अच्छा उपयोग करने की संभावना दिखती है. | |
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| 1 | 7 | ## [SC ने मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटे की कस्टडी मां को सौंपी, पिता के लिए कही ये बात](https://www.aajtak.in/legal-news/story/supreme-court-on-monday-granted-custody-of-a-man-suffering-from-mental-illness-to-his-mother-lclar-dskc-2180703-2025-03-03) |
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| 3 | 9 | ##### 03 मार्च 2025 |
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| 5 | 11 | सुप्रीम कोर्ट ने मानसिक रूप से अस्वस्थ 22 वर्षीय युवक की कस्टडी उसकी मां को दी. युवक की मानसिक उम्र 8-10 साल के बच्चे के बराबर पाई गई. पिता पर अमेरिका से बेटे को चेन्नई लाने और छिपाने का आरोप था. कोर्ट ने कहा कि बेटे की भलाई अमेरिका में मां के साथ रहने में है. पिता को उनकी वापसी में कोई रुकावट न डालने का आदेश दिया गया. |
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