legal-news
ARCHIVED 2024-07-02, DATE APPROXIMATE · VERSION 20240702_rev01 · COMPARED WITH 20240601_rev01
Full text changes — 20240601_rev01 to 20240702_rev01
COLOUR MARKS THE SEVERITY OF A FLAGGED CLAUSE · + AND − MARK ADDED AND REMOVED
| 1 | ## ['मेरे बहुत से दुश्मन हैं, लेकिन...', अपने विदाई भाषण में बोले MP हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस](https://www.aajtak.in/legal-news/story/farewell-function-of-mp-high-court-chief-justice-bar-association-president-expresses-anguish-over-his-decisions-ntc-1953774-2024-05-29) | |
| 1 | ## [देशभर में 3 नए आपराधिक कानून लागू, अब से क्या-क्या बदल जाएगा?](https://www.aajtak.in/programmes/ai-sana/video/new-criminal-laws-come-into-effect-across-india-from-today-bharatiya-nagarik-suraksha-sanhita-2023-changes-1976404-2024-07-01) | |
| 2 | 2 | |
| 3 | ##### 29 मई 2024 | |
| 3 | ##### 01 जुलाई 2024 | |
| 4 | 4 | |
| 5 | मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी के जैन ने आजतक से बात करते हुए बार के सदस्यों द्वारा सामना की जाने वाली सभी शिकायतों को उजागर किया, जिसके कारण उन्हें 24 मई को मुख्य न्यायाधीश के रिटायरमेंट समारोह में भाषण देना पड़ा. एडवोकेट जैन हाल ही में 13 मई को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए हैं. उन्होंने इस वर्ष 21 मई को कार्यभार संभाला है. | |
| 5 | देशभर में 1 जुलाई 2024 से तीन नए आपराधिक कानून लागू हो गए हैं. 51 साल पुराने CrPC की जगह लेगी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS. भारतीय दंड संहिता की जगह लेगा भारतीय न्याय अधिनियम यानी BNS, और इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम यानी BSA के प्रावधान लागू होंगे. | |
| 6 | 6 | |
| 7 | ## [PFI के पूर्व प्रमुख अबूबकर को झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार](https://www.aajtak.in/legal-news/story/delhi-high-court-denies-regular-bail-to-pfi-leader-abubacker-ntc-1952996-2024-05-28) | |
| 7 | ## [कहीं भी जीरो FIR, 30 दिन में फैसला... नए कानूनों से 'तारीख पर तारीख' से मिलेगी मुक्ति](https://www.aajtak.in/india/delhi/story/zero-fir-anywhere-case-transfer-in-15-days-charge-sheet-in-90-days-allegations-in-60-days-and-decision-in-30-days-new-criminal-laws-in-india-ntc-1975954-2024-07-01) | |
| 8 | 8 | |
| 9 | ##### 28 मई 2024 | |
| 9 | ##### 01 जुलाई 2024 | |
| 10 | 10 | |
| 11 | जेल में बंद अबुबकर ने ट्रायल कोर्ट द्वारा राहत से इनकार करने के बाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उसने मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत की मांग करते हुए ट्रायल कोर्ट का रुख किया था. अबुबकर ने योग्यता और चिकित्सा दोनों आधारों पर अपनी रिहाई की मांग की थी. न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा, "हम अपील को खारिज करते हैं." | |
| 11 | भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम आज यानी 1 जुलाई से प्रभावी हो गए हैं. इन कानूनों ने अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता और 1872 के भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह ली है. भारतीय दंड संहिता से लेकर भारतीय न्याय संहिता तक में बदलाव किए गए हैं. अब इलेक्ट्रानिक कम्युनिकेशन के जरिए सूचना दिए जाने पर भी FIR लिखी जा सकेगी. अगर ई-FIR दर्ज करवाई जाती है तो तीन दिन के भीकर पीड़ित को थाने जाना होगा. | |
| 12 | 12 | |
| 13 | ## [30 साल बाद रेप के आरोपी गिरफ्तार, बेटे की जिद पर मिला मां को इंसाफ](https://www.aajtak.in/legal-news/story/court-has-given-justice-to-the-woman-who-was-suffocating-for-30-years-shahjahanpur-uttar-pradesh-lclar-1949148-2024-05-22) | |
| 13 | ## [BNS, BNSS, BSA... आज से लागू 3 नए आपराधिक कानूनों में क्या खास है?](https://www.aajtak.in/india/news/story/bns-bnss-bsa-what-is-special-in-three-new-criminal-laws-implemented-in-country-from-today-in-place-of-ipc-crpc-understand-in-20-points-ntc-1975860-2024-07-01) | |
| 14 | 14 | |
| 15 | ##### 22 मई 2024 | |
| 15 | ##### 01 जुलाई 2024 | |
| 16 | 16 | |
| 17 | घटना के 27 वर्ष बाद पीड़िता के बेटे के कहने पर कोर्ट पहुंची और न्याय की गुहार लगाई. कोर्ट आदेश पर थाना सदर बाजार में 5 मार्च 2021 को एफआईआर दर्ज की. 3 साल की सुनवाई के बाद मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश लवी यादव ने दोषी नकी हसन और उसके भाई गुड्डू को 10-10 वर्ष के साश्रम कारावास की सजा सुना दी साथ ही 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया. | |
| 17 | नए आपराधिक कानून आज से देशभर में लागू हो गए हैं. भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम ब्रिटिशकाल के भारतीय दंड संहिता, आपराधिक प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह लेंगे. छह अपराधों में सजा के तौर पर कम्युनिटी सेवा का प्रावधान किया गया है. | |
| 18 | ||
| 19 | ## [देश में लागू 3 नए क्रिमिनल लॉ, न्याय प्रणाली में आज से ये अहम बदलाव](https://www.aajtak.in/india/news/video/1-july-three-criminal-law-changes-bhartiya-nagrik-suraksha-sanhita-bns-crpc-know-impact-1975851-2024-07-01) | |
| 20 | ||
| 21 | ##### 01 जुलाई 2024 | |
| 22 | ||
| 23 | 1 जुलाई यानी आज से काफी कुछ बदलने वाला है. सबसे बड़ा बदलाव क्रिमिनल जस्टिस में देखने को मिलेगा. आज से 1860 में बनी आईपीसी की जगह भारतीय न्याय संहिता, 1898 में बनी सीआरपीसी की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और 1872 के इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम लेगी. देखिए VIDEO | |
| 24 | ||
| 25 | ## [अबू सलेम को झटका, तलोजा जेल से शिफ्ट न करने की याचिका खारिज](https://www.aajtak.in/legal-news/story/court-rejects-gangster-abu-salem-plea-against-prison-transfer-taloja-prison-in-navi-mumbai-to-another-jail-in-maharashtra-lclar-1972558-2024-06-25) | |
| 26 | ||
| 27 | ##### 25 जून 2024 | |
| 28 | ||
| 29 | अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को तलोजा जेल से दूसरी जेल में न शिफ्ट करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुंबई सेशन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया है. सलेम ने कहा है कि वह तलोजा जेल में सुरक्षित महसूस करता है. जेल प्रशासन ने अदालत को बताया कि अबू सलेम वर्तमान कोठरी को फिर से बनाने की जरूरत है. |