legal-news
ARCHIVED 2023-09-01, DATE APPROXIMATE · VERSION 20230901_rev01 · COMPARED WITH 20230801_rev01
Full text changes — 20230801_rev01 to 20230901_rev01
COLOUR MARKS THE SEVERITY OF A FLAGGED CLAUSE · + AND − MARK ADDED AND REMOVED
| 1 | ## [हत्या के मामले में दो सगे भाईयों को मिली उम्रकैद की सजा, 5 साल बाद आया फैसला](https://www.aajtak.in/legal-news/story/murder-court-sentenced-two-real-brothers-to-life-imprisonment-banda-uttar-pradesh-lclar-1745022-2023-07-27) | |
| 1 | ## [दामाद की शिकायत पर ससुर को 4 साल की सजा और एक करोड़ का जुर्माना](https://www.aajtak.in/legal-news/story/corrupt-father-in-law-sentenced-to-four-years-on-son-in-law-complaint-in-gwalior-lcln-1765584-2023-08-25) | |
| 2 | 2 | |
| 3 | ##### 27 जुलाई 2023 | |
| 3 | ##### 25 अगस्त 2023 | |
| 4 | 4 | |
| 5 | बांदा की एक अदालत ने हत्या के मामले में दो सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. आरोपियों ने साल 2017 में पारिवारिक विवाद के चलते एक शख्स की हत्या कर दी थी. जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया था. कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए दोनों भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई. साथ ही 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. | |
| 5 | अपने ही दामाद की शिकायत पर आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोपी ससुर को 4 साल की सजा और एक करोड़ की रुपए के जुर्माने की सजा से दंडित किया गया है. भ्रष्टाचार निरोधी कोर्ट ने रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन रामकुमार शिवहरे को अनुपातहीन संपत्ति रखने के मामले में दोषी माना है. | |
| 6 | 6 | |
| 7 | ## ['अपनी पार्टी की राज्य सरकारों पर सख्ती क्यों नहीं', SC ने केंद्र को लगाई फटकार](https://www.aajtak.in/legal-news/story/supreme-court-raps-central-government-for-failing-to-take-a-stand-against-states-governed-by-bjp-ntc-1743588-2023-07-25) | |
| 7 | ## [बिलकिस का दोषी वकालत कैसे कर सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने पूछा सवाल](https://www.aajtak.in/legal-news/story/how-the-guilty-of-bilkis-bano-can-be-advocate-supreme-court-asked-the-question-ntc-1764972-2023-08-24) | |
| 8 | 8 | |
| 9 | ##### 25 जुलाई 2023 | |
| 9 | ##### 24 अगस्त 2023 | |
| 10 | 10 | |
| 11 | नागालैंड में महिला आरक्षण से जुड़े मामले पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया कि राज्य में महिलाओं के लिए आरक्षण क्यों लागू नहीं किया गया? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा, आप अपनी ही पार्टी की राज्य सरकारों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करते? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा- आप अन्य राज्य सरकारों के खिलाफ तो कड़ा रुख अपनाते हैं जो आपके प्रति उत्तरदायी नहीं हैं, लेकिन जिस राज्य में आपकी पार्टी की सरकार होती है, वहां आप कुछ नहीं करते. | |
| 11 | सुप्रीम कोर्ट उस वक्त दंग रह गया जब अदालत को बताया गया कि बिलकिस बानो से रेप के दोषियों में से एक बरी होने के बाद गुजरात मे वकालत कर रहा है. मामले की सुनवाई कर रही पीठ के सदस्य जस्टिस उज्जल भुइयां ने पूछा कि क्या रेप जैसे गंभीर अपराध कोई दोषी वकालत जैसा आदर्श पेशा अपना सकता है? | |
| 12 | 12 | |
| 13 | ## ['विवाह का दीया बुझ चुका, आलोक से ज्योति अलग हुई...', बोले लॉ एक्सपर्ट](https://www.aajtak.in/legal-news/story/divorce-possible-between-jyoti-maurya-and-alok-maurya-manish-dubey-legal-expert-delhi-lclar-1740488-2023-07-20) | |
| 13 | ## [जनकपुरी सिख नरसंहार केस: सज्जन कुमार के खिलाफ आरोप तय, हत्या की धारा हटी](https://www.aajtak.in/india/news/story/janakpuri-sikh-massacre-case-charges-framed-against-sajjan-kumar-court-drops-murder-section-ntc-1763859-2023-08-23) | |
| 14 | 14 | |
| 15 | ##### 20 जुलाई 2023 | |
| 15 | ##### 23 अगस्त 2023 | |
| 16 | 16 | |
| 17 | SDM अधिकारी ज्योति मौर्य और उनके पति आलोक मौर्य के विवाद की चर्चा घर-घर में हो रही है. इस मामले पर कानून विशेषज्ञ सीनियर एडवोकेट सुनील मित्तल का कहना है कि हिंदू विवाह को लेकर अधिनियम में पति को भी अधिकार है. अगर उसके पास साक्ष्य हैं कि उसकी पत्नी के पराए पति के साथ संबंध हैं, तो वह एडल्टरी के ग्राउंड पर याचिका डाल सकता है. | |
| 17 | जनकपुरी में दो सिखों सोहन सिंह और उनके दामाद अवतार सिंह की हत्या 1 नवंबर, 1984 को कर दी गई थी. विकासपुरी पुलिस स्टेशन एरिया में गुरुचरण सिंह को जला दिया गया था. झुलसने के 30 साल बाद उनकी मौत हुई थी. इस मामले में SIT ने सज्जन कुमार का मई 2018 में पॉलीग्राफी टेस्ट भी किया था. | |
| 18 | 18 | |
| 19 | ## [पत्नी से जबरन संबंध बनाना अपराध? सुप्रीम कोर्ट में जल्द शुरू होगी सुनवाई](https://www.aajtak.in/legal-news/story/supreme-court-to-hear-petitions-soon-to-bring-marital-rape-under-the-ambit-of-crime-ntc-1739444-2023-07-19) | |
| 19 | ## [बिहार की जातिगत जनगणना में केंद्र का 'खेला', अब 28 अगस्त को SC में होगी अगली सुनवाई](https://www.aajtak.in/india/bihar/story/central-govt-interfered-in-caste-census-of-bihar-now-next-hearing-will-be-on-august-28-ntc-1762592-2023-08-21) | |
| 20 | 20 | |
| 21 | ##### 19 जुलाई 2023 | |
| 21 | ##### 21 अगस्त 2023 | |
| 22 | 22 | |
| 23 | अब सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि मैरिटल रेप अपराध है या नहीं. भारतीय कानून में मैरिटल रेप कानूनी अपराध नहीं है. इसे अपराध घोषित करने की मांग को लेकर कई संगठनों की मांग लंबे अरसे से जारी है. दिल्ली हाईकोर्ट में आईपीसी की धारा 375(दुष्कर्म) के तहत वैवाहिक दुष्कर्म को अपवाद माने जाने को लेकर संवैधानिक तौर पर चुनौती दी गई. | |
| 23 | सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एस वेंकटरमण भट्टी की पीठ के समक्ष सोमवार को मामले की सुनवाई शुरू हुई तो केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए. ये देखकर कोर्ट रूम में मौजूद सभी लोग चौंक गए. तुषार मेहता ने दलील दी कि वो केंद्र सरकार की ओर से कुछ सबमिशन दाखिल करना चाहते हैं. लिहाजा मामले की सुनवाई हफ्तेभर टाल दी जाए. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें एक हफ्ते की मोहलत दे दी. | |
| 24 | 24 | |
| 25 | ## [राहुल गांधी 'मोदी सरनेम' मामले में पहुंचे SC, सजा पर रोक लगाने की मांग](https://www.aajtak.in/legal-news/story/rahul-gandhi-moves-sc-in-modi-surname-defamation-case-seeks-stay-on-conviction-ntc-1736617-2023-07-15) | |
| 25 | ## [SC ने रेप पीड़िता को दी गर्भपात की अनुमति दी, कहा- बिनब्याही मां बनना त्रासद!](https://www.aajtak.in/legal-news/story/supreme-court-permits-termination-of-pregnancy-of-minor-girl-pulls-up-gujarat-high-court-ntc-1762165-2023-08-21) | |
| 26 | 26 | |
| 27 | ##### 15 जुलाई 2023 | |
| 27 | ##### 21 अगस्त 2023 | |
| 28 | 28 | |
| 29 | कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरनेम मामले में आए गुजरात हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी है. उन्होंने सजा और दोषसिद्धि पर रोक लागने की मांग की है. हाई कोर्ट ने 7 जुलाई को इस मामले में सुनवाई करते हुए राहुल गांधी की याचिका खारिज कर दी थी. उसने दो साल की सजा के आदेश को सही माना था. | |
| 29 | सुप्रीम कोर्ट ने एक दुष्कर्म पीड़िता को 27 सप्ताह से ज्यादा के गर्भपात की अनुमति दी है. शीर्ष अदालत ने कहा है कि भारतीय समाज में शादी के बाद गर्भावस्था किसी भी कपल, उसके परिवार और दोस्तों के लिए खुशी का कारण होती है. इसके उलट शादी के बिना (दुष्कर्म जैसे केस में) गर्भवास्था नुकसानदायक हो सकती है. |