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| 1 | ## [दिग्विजय सिंह को 1 साल की सजा, 11 साल पुराने केस में इंदौर कोर्ट का फैसला](https://www.aajtak.in/india/madhya-pradesh/story/mp-former-cm-digvijay-singh-sentenced-1-year-court-decision-11-year-old-case-lcla-1435452-2022-03-26) | |
| 1 | ## [क्या है प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट जिसका हिंदू पक्ष कर रहा विरोध](https://www.aajtak.in/india/news/video/places-of-worship-act-law-which-is-strongly-opposed-by-hindu-side-gyanvapi-masjid-survey-1465162-2022-05-17) | |
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| 3 | ##### 26 मार्च 2022 | |
| 3 | ##### 17 मई 2022 | |
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| 5 | 11 साल पुराने मारपीट के मामले में इंदौर की विशेष अदालत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) सहित 6 लोगों को एक-एक साल के कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने 25-25 हजार के मुचलके पर सभी को जमानत भी दे दी है. दिग्विजय सिंह के वकील का कहना है कि इस मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. | |
| 5 | याचिकाकर्ताओं ने अदालत के सामने ज्ञानवापी परिसर का नक्शा पेश किया है और दैनिक पूजा के अधिकार की मांग की है. उस नक्शे के मुताबिक प्लॉट नंबर 9130 पर मौजूद आदि विश्वेश्वर स्वयंभू ज्योतिर्लिंग और ज्ञानवापी परिसर का नक्शा है. इसमें याचिकाकर्ताओं ने पूरब की ओर यहां पर हनुमान जी की मौजूदगी दिखाई है. इसी नक्शे के आधार पर याचिकाकर्ताओं ने अदालत में 13 बिंदुओं में दावा किया है और उसी दावे के 11 नंबर बिंदू में लिखा था कि परिसर के अंदर शिवलिंग मौजूद होने की संभावना है. काशी में ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे के साथ 31 वर्ष पुराने Places of Worship Act 1991 की चर्चा अचानक तेज हो गई है. जानिए क्या है ये कानून और क्यों हिंदू समुदाय इस कानून का विरोध करता आया है. | |
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| 7 | ## [कोविड से हुई मौत का मुआवजा मामले में 23 मार्च को आएगा SC का आदेश](https://www.aajtak.in/legal-news/story/supreme-court-order-will-come-on-march-23-corona-death-compensation-case-ntc-1432096-2022-03-21) | |
| 7 | ## [मैरिटल रेप का मामला पहुंचा SC, दिल्ली HC की बेंच के विभाजित फैसले को दी गई चुनौती](https://www.aajtak.in/india/delhi/story/marital-rape-appeal-before-the-supreme-court-split-verdict-of-the-delhi-high-court-ntc-1465087-2022-05-17) | |
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| 9 | ##### 21 मार्च 2022 | |
| 9 | ##### 17 मई 2022 | |
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| 11 | कोविड से हुई मौत के बाद परिजनों के सबसे अधिक दावेदारों वाले राज्यों में आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और केरल हैं. मौतों के लिए परिजनों को दिए जाने वाले मुआवजे के दावों में से पांच फीसदी की औचक जांच करने के प्रस्ताव पर सुप्रीम कोर्ट आदेश जारी करेगा. | |
| 11 | दिल्ली हाईकोर्ट ने 11 मई को मैरिटल रेप मामले में सुनवाई की थी. याचिकाकर्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आईपीसी की धारा 375(दुष्कर्म) के तहत वैवाहिक दुष्कर्म को अपवाद माने जाने को लेकर संवैधानिक तौर पर चुनौती दी थी. हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट के जज इस मुद्दे पर एकमत नहीं थे. इसलिए कोर्ट ने इस मामले को 3 जजों की बेंच में भेजने का फैसला किया था. |